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यह मत पूछो अल्फाज कहां से लाता हूं ... कुछ चुराता हूं दर्द दूसरों का कुछ अपना हाल सुनाता हूं❤️ Writer :- 👉 zAiN_मीणा Owner :- 👉 @zain_zara Discussion group :- 👉 @feeling4youu YouTube :- 👉https://youtube.com/channel/UCCRv8XNEca3IErrgL93xzoQ
गुजर ही गया हिज्र का ये सफ़र,
दिन और रात भी कट गए
तू मुझसे दूर है,मैं तुझसे दूर हु
तू कही और है,मैं कही और हु
मुसाफ़िर की तरहा रास्ते मे मिले,
तुझे तो अपनी मंज़िल मिल गयी
हम दर बदर हुए
🌸🖤🌸
❤️🖤❤️
हमें मालूम है फिर भी नहीं हम खिलखिला पाते
बहुत से रोग तो केवल हँसी से भाग जाते हैं
निभाने हैं गृहस्थी के कठिन दायित्व हमको ही
मगर कुछ लोग इस रस्साकशी से भाग जाते हैं
Cpy
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बधाई हो 🥳
रजाई में छुप कर फोन चलाने
वाले दिन आ गए है....!!!!
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🫠
Oo मोहतरमा
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कहाँ आँसुओं की ये सौगात होगी
नए लोग होंगे नई बात होगी
मैं हर हाल में मुस्कुराता रहूँगा
तुम्हारी मोहब्बत अगर साथ होगी
चराग़ों को आँखों में महफ़ूज़ रखना
बड़ी दूर तक रात ही रात होगी
परेशाँ हो तुम भी परेशान हूँ मैं भी
चलो मय-कदे में वहीं बात होगी
चराग़ों की लौ से सितारों की ज़ी तक
तुम्हें मैं मिलूँगा जहाँ रात होगी
जहाँ वादियों में नए फूल आए
हमारी तुम्हारी मुलाक़ात होगी
सदाओं को अल्फ़ाज़ मिलने न पाएँ
न बादल घिरेंगे न बरसात होगी
मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी
किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी...!!
बशीर बद्र💐