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जय श्री कृष्ण 🚩
उद्धारकर्ता श्रीभगवान्
ये त्वक्षरमनिर्देश्यमव्यक्तं पर्युपासते । सर्वत्रगमचिन्त्यं च कूटस्थमचलं ध्रुवम् ॥ सन्नियम्येन्द्रियग्रामं सर्वत्र समबुद्धयः । ते प्राप्नुवन्ति मामेव सर्वभूतहिते रताः ॥ क्लेशोऽधिकतरस्तेषामव्यक्तासक्तचेतसाम् । अव्यक्ता हि गतिर्दुःखं देहवद्भिरवाप्यते ॥ ये तु सर्वाणि कर्माणि मयि सन्न्यस्य मत्पराः । अनन्येनैव योगेन मां ध्यायन्त उपासते ।। तेषामहं समुद्धर्ता मृत्युसंसारसागरात् । भवामि नचिरात्पार्थ मय्यावेशितचेतसाम् ॥
हमारे क्षत्रिय कुल शिरोमणि आदरणीय निकुंज सिंह जी ने बलिया स्थित अब्राहमिक संस्था इस्कॉन को खुली चुनौती दे दी है।
इस्कॉन कहता है कि अल्लाह ही कृष्ण है यशु ही कृष्ण है परंतु ब्रह्म विष्णु महेश कृष्ण नहीं हैं।
ऐसी अवैदिक पाखंडी अब्राहमिक संस्था भारत भूमि पर कदाचित नहीं रहेगी।
On hero worship, secularism, unnatural equality, impending civil war, etc.
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भगवती राधा को काल्पनिक कहने वालों पर आचार्यगण हंसते हैं - जगद्गुरु निग्रहाचार्य
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Adhikāra is decided by Guru and Paramparā.
Not by you. Not by the crowd.
So do what your Guru says, and ignore the loudmouths on YouTube, Instagram or any social media.
No Guru yet? Then finding one is your first task.
Take a simple example:
Mahā Periyavā encouraged everyone to recite the Lalitā Sahasranāma. Strict Śrīvidyā traditions hold that even ordinary pārāyaṇa requires initiation.
An Ācārya's instruction establishes the path for those who follow him. Mahā Periyavā opened the Lalitā Sahasranāma widely as an act of bhakti.
Śrīvidyā Ācāryas preserve it within mantra-śāstra and therefore insist upon adhikāra and initiation.
Both positions are valid within their own sampradāya.
Follow your own Guru and your own tradition.
Har Har Mahadev 🌺😄
“राधाष्टमी के पावन अवसर पर श्री राधा रानी की असीम कृपा आप पर बनी रहे। आपके जीवन में प्रेम, भक्ति, शांति और आनंद का वास हो। राधे राधे!” 🌸🙏
जय जय श्री राधे! 🦚🌸💖
हाथोंसे, चरणोंसे, घुटनोंसे, वक्षःस्थलसे, सिरसे, नेत्रोंसे, मनसे और वाणीसे-इन आठ अंगोंसे किया गया प्रणाम साष्टांग प्रणाम कहलाता है।
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इतनी नकारात्मक विमर्श के बीच कुछ अच्छी चीजें भी हो रही है। उन्हें भी अपना पक्ष रखने का मौका मिल रहा है , जो इस विषय के ज्ञानी हैं। नहीं तो इनका पक्ष भी एक राजनैतिक दल और विचारधारा के कुपढ़ कार्यकर्ता रखते हैं।
फिलहाल एक भोजपुरिया ब्राह्मण की सुंदर चर्चा सुनिए।
।। ॐ श्रीपतिसतीपतिभ्यां नमः ।।
श्रीपति (लक्ष्मीजीके स्वामी) श्रीहरिको और सती पार्वतीजी के स्वामी शिव जी को नमन ।
🌺 हनुमानजी और राम नाम की महिमा 🌺
किसी ने तुलसीदास जी से कहा—
“बड़ी आश्चर्य की बात है कि हनुमानजी सौ योजन का समुद्र लाँघ गए!”
तुलसीदास जी बोले—
“इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं।”
पूछा गया—“क्यों?”
तुलसीदास जी ने कहा—
«“प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लाँघि गए अचरज नाहीं॥”»
हनुमानजी के मुख में प्रभु श्रीराम की मुद्रिका थी। उस मुद्रिका पर अंकित था—“राम”।
अर्थात् हनुमानजी ने केवल मुद्रिका मुख में नहीं रखी थी, उन्होंने राम-नाम को मुख में रखा था।
और जब मुख में राम-नाम हो, हृदय में राम के प्रति अटूट विश्वास हो, तो सौ योजन का समुद्र क्या—भवसागर भी पार किया जा सकता है।
यही इस प्रसंग का सुंदर संदेश है—
साधना में शक्ति केवल साधक की नहीं, उस नाम की भी होती है जिसे वह श्रद्धा और दृढ़ विश्वास से धारण करता है।
🌺 जय श्री राम! 🌺
स्वामीनारायण जैसे पाखंडियों को समर्थन करने वालों के लिए अद्भुत बात 😂कही श्री निग्रहाचार्य जी ने। अवश्य देखें आनंद लें 😂
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BAPS, Swaminarayan, Iskcon, Khatna
Bṛhadāraṇyakōpaniṣad 1.4.11-13; Śatapathabrāhmaṇa 14.4.2.23-25
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नित्य एक घंटा परिवार के साथ अवश्य बितायें।रामराज्य का सूत्र :---
घर में अगर रामराज्य लाना चाहते हैं,
एक घंटे का कार्यक्रम नित्य रखिए।
परिवार के जितने सदस्य हों बैठें
एक निश्चित समय पर।
प्राय: रात्रि में समय मिल सकता है।
दिन में काम धंधे में लगे रहते हैं,
वो भी आवश्यक है।
एक घंटा कम से कम
बैठें और कुछ नहीं तो
आठ-दस मिनट में हनुमान चालीसा का मिलकर के पाठ ही कर लें।
उसके बाद एक दूसरे की कुशल पूछें।
आजकल होता क्या है ?
परिवार में भी एक दूसरे के साथ बैठते नहीं।
एक दूसरे की परिवार के जितने सदस्य हैं कुशल पूछें।
और अगर कोई गांठ पड़ गई हो, ऐसा होता है।
किसी भूल की ओर संकेत करें !
कि आपसे यह भूलें होती हैं, यह भूलें होती हैं,
बेखटके भूल को स्वीकार कर लीजिए।
आपके प्रति कोई भ्रम पल रहा हो किसी के हृदय में,
तो भ्रम को दूर कर दीजिए
और भूल को स्वीकार कर लीजिए।
और भगवान का मिलकर के कम से कम
10 मिनट भजन कीजिए, फिर
और कुछ नहीं तो गीताप्रेस के जितने
विशेषांक निकले हैं 'कल्याण' के,
उनमें कोई न कोई विशेषांक लीजिए।
एक व्यक्ति एक लेख पढ़े, बाकी सब उसको
सुनें। इससे एक नीति और अध्यात्म
का संस्कार बनेगा।
द्वैत वेदान्त के पाठ्यक्रम में अम्बेडकर चरित्र पढ़ाया जा रहा है और मध्वाचार्य जी के सम्प्रदाय वाले आठों जगद्गुरु कुछ नहीं कर रहे, अपितु मोदी रक्षति रक्षितः करने में लगे हैं ! जो सरकार की खाते हैं वे सरकार को जवाब दें। हम भगवान् की खाते हैं और हमें उन्हें जवाब देना है — देवरिया में जगद्गुरु निग्रहाचार्य के कथन ...
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Why Absolute "Equality" (Samanata) is a Myth and Against Nature. 👇
समानता प्रकृति का धर्म ही नहीं है। भारत सोने की चिड़िया कहलाता था उसका मुख्य कारण क्या था? 👇
धर्म की जय हो—सब बोल लेते हैं, अच्छी बात है। प्रणाम सबको।
पर अधर्म के विनाश के लिए संघर्ष केवल जगद्गुरु शंकराचार्य ही करते दिखाई देते हैं।
बाकी सरकार के आगे शरणागत हैं—मांस निर्यात में नंबर 1 वाले UP मुख्यमंत्री को “यशस्वी” और मोदी को “यशस्वी प्रधानमंत्री” कहते हैं।
राम राम
मनु का विचार किसी जाति, वर्ग के लिए नहीं अपितु समस्त ब्रह्मांड के लिए हैं।
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भारत अघोषित हिंदू राष्ट्र है ही 🏹
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राधां कृष्णस्वरूपां वै कृष्णं राधास्वरूपिणम् ।
कलात्मानं निकुञ्जस्थं गुरुरूपं सदा भजे ॥
समस्त कुलकी भलाईके लिये एक पुरुषको, एक गाँवके हितके लिये एक कुलको, जनपदके भलेके लिये एक गाँवको और आत्मकल्याण के लिये समस्त भूमण्डलको त्याग दे ।।
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श्वेतवाराह कल्प वाले श्रीरामावतार में भगवान श्रीरामचन्द्र जी का विवाह लगभग १३ वर्ष की आयु में हुआ और वनवास मिला २५ वर्ष की आयु में।
In ŚriRāmāvatāra of Svetavārāha Kalpa, Bhagwāna ŚriRāmachandra ji was married at age of about 13, and was sent into exile at age of 25 years.
सकृदेव प्रपन्नाय तवास्मीति च याचते ।
अभयं सर्वभूतेभ्यो ददाम्येतद् व्रतं मम ॥
श्री गणेश चतुर्थी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं
✨🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷✨
गणेश विसर्जन
उत्तर भारत में गणेश विसर्जन नही करना चाहिए क्योंकि गणेश जी केवल एक सप्ताह के लिए माता गौरा के साथ उत्तर से दक्षिण, अपने भाई कार्तिकेय जी से मिलने गए थे, मान्यता अनुसार दोनो भाई महाराष्ट्र मे मिले थे, इसीलिए महाराष्ट्र में ये पर्व मनाया जाता है तथा उन्हें फिर अगले साल आने का निमंत्रण दिया जाता है, उत्तर भारत में गणेश जी सदा विराजमान रहते है, जरा सोचिए, अगर आप गणेश जी विसर्जित करके कहेंगे की अगले बरस तू जल्दी आ, तो फिर आप दीपावली पर किसका पूजन करेंगे, कुछ त्योहारों का भौगोलिक महत्व होता है, भेड़ चाल न अपनाएं 🙏 पूजा करिए लेकिन तरीक़े से भेड़चाल से नहीं 🙏
⚠️आज गणेश चतुर्थी को चन्द्र दर्शन भी नहीं करना चाहिए...
वैदिक आरक्षण से ही राष्ट्र का उत्कर्ष संभव है।
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On adultery, fornication, MTP, casteist slurs etc.
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🌸 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ 🌸
आज सभी के हृदय में प्रेम, भक्ति और आनंद विराजें।
कृष्ण की बाँसुरी की ध्वनि पूरे संसार को मंगलमय कर दे।
जय श्रीकृष्ण 🙏
देवाधिदेव भगवन् कामपाल नमोऽस्तु ते।
नमोऽनन्ताय शेषाय साक्षाग्रामाय ते नमः ॥
धराधराय पूर्णाय स्वधाम्ने सीरपाणये।
सहस्त्रशिरसे नित्यं नमः सङ्कर्षणाय ते ॥